शाहनहर के बावजूद भी किसानों के खेत सूखे, पानी कम होने से किसान परेशान


अजय शर्मा। इंदौरा
जिला कांगड़ा के सीमावर्ती इलाके के किसानों के लिए बनाई गई शाहनहर सिंचाई परियोजना होने के बावजूद भी किसानों के खेत सूखे हैं। करोडों की लागत से बनाई गई इस नहर का निर्माण मण्ड क्षेत्र के किसानों के लिए किया गया था लेकिन आज तक इस इलाके में कभी भी पर्याप्त मात्रा में पानी नही छोड़ा गया। जबकि इससे उलट पड़ोसी राज्य पंजाब के किसान इस नहर का इस्तेमाल खेतों की सिंचाई के लिए कर रहे हैं। इस समय जिला के निचले इलाकों में धान रोपाई का कार्य चल रहा है ऐसे में कई किसान शाह नहर की और टकटकी लगाए बैठे हैं कि कब इस नहर से पानी आएगा और कब वह अपनी फसल रोपेंगे। इलाके के जट्ट वेली से उलेहडिया, मंड मलकाना, पराल, ठाकुरद्वारा, वरोटा, मंड मियानी आदि गांवों में आज तक उनके खेतों में शाहनहर की एक बूंद नही पहुँची है। किसानों का कहना है कि यदि कभी भूल से विभाग नहर में पानी छोड़ भी देता है तो नहर में पानी छोड़े जाने की कुल क्षमता से मात्र दस प्रतिशत ही होती है। मंड में नहर की शाखाएं ऐसी भी है जिनमे एक बार भी पानी नही छोड़ा गया। हालात ऐसे हैं सभी छोटी नहरें घास फूस से भरी हुई है। वहीं आज विभाग की कारगुजारी से तंग आकर मंड क्षेत्र के रियाली ओर जट्ट वेली के किसानों ने नारेबाजी भी की। इस मोके ओर रविंद्र सिंह लाडी ने कहा कि जल्द ही नहर में पानी छोड़ा जाए जिससे किसान अपने खेतों की सिंचाई कर सके। इस मौके पर मौजूद रहे किसान सरवन कुमार फौजी, शशि कुमार, मुरीद, लक्की, हेमराज युवा मोर्चा सचिव, हरदीप सिंह दीपा, तिलक, शामु सहित अन्य लोग मौजूद थे। इस संदर्भ में जब एसडीओ संजय कुमार से बात हुई तो उन्होंने बताया कि जल्द ही इस समस्या का समाधान कर लिया जाएगा, किसानों को थोड़ा धैर्य रखने की जरूरत है।

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