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कांगड़ा का ऐसा शक्तिपीठ जिसे मुगलों ने 8 बार लूटा, लेकिन पिंडी को नहीं पहुंचा सके कोई नुकसान

1 अगस्त। कांगड़ाजिला कांगड़ा के चारों शक्तिपीठों को लेकर लोगों की मान्यताएं ही उनकी आस्था का कारण है। ऐसा ही...

इस मंदिर में विराजमान हैं पृथ्वी राज चौहान की कुलदेवी, कोटे वाली माता के नाम से विख्यात है मन्दिर

4 जुलाई। नूरपुरशिवालिक पहाड़ियों के शिखर पर एक ऐसा शक्तिपीठ है, जो कोटे वाली माता के नाम से विख्यात है।...

कांगड़ा में है देश का सबसे पुराना किला, महाभारत में भी किया है इसका उल्लेख

27 जून। कांगड़ादेश मे एक ऐसा किला भी है जिसने तुर्कों, मुगलों, सिखों, गोरखा और अंग्रेजों के आक्रमण सहे और...

यहाँ साक्षात् विराजमान हैं महाविद्या देवी बगलामुखी, पांडवों ने अपने हाथों से बनाया था मन्दिर

24 जून। नूरपुरहिमाचल पुरातन काल से ही ऋषि मुनियों की तपोस्थली रहा है। यहाँ कई ऐसे प्राचीन मंदिर हैं जिन्हे...

इस मंदिर में टूटा था मुगल सम्राट अकबर का अभिमान, 52 शक्तिपीठों में है उच्च स्थान

20 जून। ज्वालामुखीदेश के शक्तिपीठों में शामिल माँ ज्वालामुखी का मंदिर अपने आप में अनोखा है। प्रदेश के इस शक्तिपीठ...